मनमानी विद्युत कटौती से उपभोक्ता परेशान। रोस्टिंग के नाम पर मनमानी विद्युत कटौती।
सोनभद्र। जिले के सुकृत पावरहाउस अन्तर्गत आने वाले क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बदहाल होती नजर आ रही है। भीषण गर्मी और उमस के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ताओं का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों का आरोप है कि दिन हो या रात, किसी भी समय घंटों बिजली गुल हो जाती है, जिससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि इसी पावरहाउस अन्तर्गत कुछ विशेष फिटर पर चौबीस घंटे लाइन उपलब्ध कराया जा रहा है ऐसा क्यों ?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विशेषकर मध्य रात्रि में होने वाली मनमानी विद्युत कटौती ने लोगों की नींद हराम कर दी है। बिजली न रहने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। वहीं छात्रों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। लोगों में यह चर्चा भी है कि जहां एक ओर आम जनता बिजली संकट झेल रही है, वहीं जिम्मेदार अधिकारी वातानुकूलित कमरों में बैठकर समस्याओं से बेखबर बने हुए हैं।
क्षेत्रीय लोगों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि सुकृत पावरहाउस क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए तथा अघोषित कटौती पर रोक लगाई जाए। साथ ही फाल्ट और तकनीकी खामियों को समयबद्ध तरीके से ठीक करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
"दीपक तले अंधेरा" वाली स्थिति को चरितार्थ करती यह समस्या अब लोगों के बीच बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। सवाल यह है कि आखिर सुकृत पावरहाउस क्षेत्र में बदहाल विद्युत आपूर्ति के लिए जिम्मेदार कौन है? यह अधिकारियों की उदासीनता है या फिर व्यवस्था की लापरवाही? जो जनपद सोनभद्र देश के आधे हिस्से को चौबीस घंटे विद्युत आपूर्ति बहाल करता है वहीं उसी जिले में रोस्टिंग के नाम पर विद्युत आपूर्ति बदहाल किया जा रहा है।
(विद्युत विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)


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